चमार अथवा चर्मकार भारतीय उपमहाद्वीप में पायी जाने वाली जाति समूह है। वर्तमान समय में यह जाति अनुसूचित जातियों की श्रेणी में आती है। यह जाति अस्पृश्यता की कुप्रथा का शिकार भी रही है। इस जाति के लोग परम्परागत रूप से चमड़े के व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। सम्पूर्ण भारत में चमार जाति अनुसूचित जातियों मे अधिक संख्या में पायी जाने वाली जाति है, जिनका मुख्य व्यवसाय, चमडे की वस्तु बनाना संविधान बनने से पूर्व तक इनकोअछूतों की श्रेणी मे रखा जाता था। अंग्रेजों के आने से पहले तक भारत मे चमार जाति के लोगों को उपर बहुत यातनाएं तथा जु़ल्म किए गए। आजादी के बाद इनके उपर हो रहे ज़ुल्मों व यातनाओं को रोकने के लिए इनको भारत के संविधान मे अनुसूचित जाति की श्रेणी मे रखा गया तथा सभी तरह के ज़ुल्मों तथा यातनाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बावजूद भी देश मे कुछ जगहों पर इन जातियों तथा अन्य अनुसूचित जातियों के साथ यातनाएं आज भी होती हैं।-1941https://chat.whatsapp.com/GAESnqaidGW9OKa9g9gCug संपादित करें
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